Sufinama

आज का विचार

"At night, I open the window

and ask the moon to come

"At night, I open the window

and ask the moon to come

प्रस्तुति

सूफ़ी

ख़्वाजा रुकनुद्दीन 'इश्क़'

1715-1788

अर्श ता-फ़र्श सैर कर देखा

जल्वः-गर तू हुआ जिधर देखा

संत

अनंत महाराज

 

भजइउं मना कंसांतकबीर मन समनारथ धीर

नर नतु पाके सार्थक करले छोडो भव कि फिकीर

काव्य संचयन

सूफ़ी शब्दावली

बाँद

शब्दार्थ

(अंतर, फ़ासिला) ׃ईश्वर से फ़ासला।

(अंतर, फ़ासिला) ׃ईश्वर से फ़ासला।

सूफ़ीनामा ब्लॉग

पसंदीदा विडियो

ई-पुस्तकें

शुरुआती दौर से लेकर तात्कालिक सूफ़ी साहित्य और संत-वाणी का अनूठा संग्रह

Novel Sufia

1942

Shumara Number-002

1934

साक़ी, दिल्ली

Nazr-e-Khusrau

अमीर ख़ुसरौ

1989

Hikayat-e-Luqman

1991

Amir Khusro Number : April-May : Shumara Number-011,012

1976

फ़रोग़-ए-उर्दू

हम से जुड़िये

न्यूज़लेटर

* सूफ़ीनामा आपके ई-मेल का प्रयोग नियमित अपडेट के अलावा किसी और उद्देश्य के लिए नहीं करेगा