Sufinama

सूफ़ी कलाम

सूफ़ी कलाम सूफ़ी भक्ति काव्य को कहते हैं जो अमूमन समाअ' महफ़िलों में गाया जाता रहा है .यह श्रोताओं के लिए गूढ़ अर्थों को सरल शब्दों में व्यक्त करने का एक माध्यम रहा है जिसे सूफ़ी संतों ने बख़ूबी समझा .सूफ़ी कलाम की कई विधाएं यथा, क़व्वाली, काफ़ी, ख़याल, तराना इत्यादि जन मानस में ख़ासी लोकप्रिय रही हैं।

sufi

रूबाईयात

रबाईआत रुबाई की जमा है, ये अरबी का लफ़्ज़ है जिसके मअनी चार के हैं। शायराना मज़मून में रुबाई इस सिन्फ़ का नाम है जिसमें चार मिसरों में एक मुकम्मल मज़मून अदा किया जाता है। रुबाई के 24 ओज़ान हैं, पहले दूसरे और चौथे मिसरे में क़ाफ़िया लाना ज़रूरी है।

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क़िस्सा काव्य

सूफ़ी संतों के मशहूर और प्रेरणादायक क़िस्से यहाँ उपलब्ध हैं।

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