आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bahar-e-haal"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "bahar-e-haal"
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ऐ दोस्त ब-हर मंज़िल हम-ख़ानः तुरा याबमदर किशवर-ए-जान-ओ-दिल जानानः तुरा याबम
हज़ीं ज़ैदपुरी
ना'त-ओ-मनक़बत
कहों क्या हाल ज़ाहिद वादी-ए-तैबा की नुज़हत काकि है ख़ुल्द-ए-बरीं छोटा सा टुकड़ा मेरी जन्नत का
हसन रज़ा बरेलवी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "bahar-e-haal"
शे'र
मुज़तर ख़ैराबादी
ग़ज़ल
अज़ल शाह्जहांपुरी
दोहा
देख मैं अपने हाल को रोऊँ ज़ार-ओ-ज़ार
देख मैं अपने हाल को रोऊँ ज़ार-ओ-ज़ारवै गुनवंता बहुत हैं हम हैं अवगुण-हार
अमीर ख़ुसरौ
कलाम
पीर नसीरुद्दीन नसीर
कलाम
नहीं आश्ना मिरे हाल से कोई आँख बज़्म-ए-मजाज़ मेंहूँ वो आईन: जो है ना-तमाम अभी ज़ेहन-ए-आईनः-साज़ में
सीमाब अकबराबादी
सूफ़ी लेख
बिहार में क़व्वालों का इतिहास
क़व्वाली शब्द अरबी भाषा के शब्द ‘क़ौल’ से लिया गया है। क़ौल पढ़ने वाले व्यक्ति को
रय्यान अबुलउलाई
पद
हाल से आशिक़ के वाइ'ज़ को कब 'दिलदार' ख़बर है
हाल से आशिक़ के वाइ'ज़ को कब दिलदार ख़बर हैकर देवें गर चाहें यक नाले में शक़्क़-ए-क़मर है
कवि दिलदार
दोहा
सज्जन हित कंचन-कलश तोरी निहारिय हाल
सज्जन हित कंचन-कलश तोरी निहारिय हालदुर्जन हित कुमार-घट बिनसिन जुरै 'जमाल'

